On Page Seo क्या है? | What Is On Page Seo In Hindi 2021

On page seo यह आपके वेबसाइट के लिए बहुत जरूरी factors बन जाता है जिसकी वजह से आपके वेबसाइट कि रैंकिंग बढती है और आपके वेबसाइट मे ट्रैफिक आती है अगर बात करें वेबसाइट मे ट्रैफिक लाने कि तो इसके लिए और भी seo factors है मगर उनमे से on page seo यह वेबसाइट के लिए बहुत महतवपूर्ण seo elements बन जाता है.

इस लेख मे आपको इसके बारे मे पूरी जानकरी दूंगा जिसकी मदत से आपको on page seo समझने मे बहुत आसानी होगी और On Page Seo क्या है? और on page seo कैसे काम करता है? और on page seo factors के बारे मे जानकरी बताऊंगा.

आजकल इंटरनेट पर दिन मे हजारो वेबसाइट बनती है और आपके वेबसाइट के हजारो competitor बन जाते है और आप चाहते है कि आपके वेबसाइट पर जयादा ट्रैफिक आये और आपकी वेबसाइट रैंक हो गूगल पर तो इसके लिए आपको on page seo सिखना बहुत जरूरी हो जाता है.

यह आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए बहुत मदत करेगा तो चलिए निचे on page seo in hindi मे जानते है.

On Page Seo क्या है?

On page seo यह एक ऐसा seo factors है जो वेबसाइट के लिए बहुत जरूरी है और इसे on site seo भी कहते है on page seo मे हम अपने वेबसाइट के वेब पेज को on page optimization करते है जिसकी मदत से आपके वेब पेज कि quality improve होती है.

यह आपके वेबसाइट को Google search engine मे लाने के लिए बहुत मदत करता है इसकी वजह से आपके वेबसाइट मे जयादा ट्रैफिक आती है और आपकी वेबसाइट गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक करती है.

जिसकी मदत से आपकी वेबसाइट कि क्वालिटी अच्छी बनती है और गूगल के नज़र मे आपकी वेबसाइट अच्छी मानी जाती है मगर यह तभी संभव है जब आप अपने वेबसाइट पर on page seo optimization अच्छे से करते है और यह आपके वेबसाइट को boost करती है और यह एक ongoing process है इसमें आपको हमेशा काम करना पड़ेगा और इसमें on page seo और off page seo होता है.

आपको पता होगा गूगल पर आपके compititors website बहुत है जिसकी वजह से आपका आर्टिकल हमेशा top rank नहीं कर सकता है क्युकी बाकी वेबसाइट भी उसी टॉपिक पर आर्टिकल लिखते है.

आपकी वेबसाइट के लिए on page seo बहुत जरूरी होता है इसमें आपको Title, Description, URL, H1 H2 H3 जैसे बहुत से seo elements है जिसको जानना बहुत जरूरी है आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए तो चलिए इन सभी On Page Seo Elements List को समझते है और यह कैसे काम करते है इनका उपयोग कैसे करना चाहिए सभी प्रकार कि जानकरी निचे दी गई है. (यह भी पढ़े: eShram Card Kaise Banaye)

On Page Seo Elements List

  • Title
  • Description
  • Content
  • URL
  • H1, H2, H3 tags
  • Images
  • Keyword Stuffing in Description
  • Page Load Time
  • Sitemap
  • Robots File
  • Google Analytics
  • Internal Link
  • External Link
  • Keywords

चलिए इसके बारे मे पूरी जानकरी लेते है कि यह क्या है और वेबसाइट मे इसका क्या उपयोग होता है और On Page Seo मे इसका कितना महत्वपूर्ण भूमिका है.

On Page Seo कैसे करें?

आपके वेबसाइट के लिए on page seo बहुत जरूरी हो जाता है इसकी मदत से आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक आती है और आपका कंटेंट भी अच्छा होता है यूजर के लिए और इसमें आपको बहुत से seo element को ध्यान मे रखकर काम करना पड़ता है जैसे कि Title, Heading, URl, Meta Description को बहुत अच्छे से लिखना पड़ता है और इसको कैसे करना है इसकी पूरी जानकरी हमने निचे बताया हुआ है कि कैसे करना है आप निचे on page seo techniques को निचे पढ़ सकते है.

on page seo elements

Title

आपके वेबसाइट मे Title का बहुत महतवपूर्ण भूमिका होती है क्युकी आप जो विषय के बारे मे आर्टिकल लिखते हो उस विषय का main keywords आपके title के शुरुवात मे आना चाहिए इससे search engine जैसे Google, Bing, yahoo को आपके आर्टिकल के बारे मे पता चलेगा कि आपका लेख किस विषय के बारे मे है और वो आपके आर्टिकल को अच्छे से crawl कर सकेंगे.

आपके आर्टिकल के Title मे अगर आप Main keywords डालते है तो यह आपके आर्टिकल को top page पर आने के लिए मदत जरूरी करता है और इसके लिए आपका पेज title बहुत eye catchy होना चाहिए जिसकी वजह से लोग आपके आर्टिकल पर क्लिक करें.

और आपका पेज Title कि length मे 50 charactors से 60 charactors तक होना चाहिए मगर इसका मतलब यह नहीं है कि short title रैंक नहीं करते वो भी रैंक करते है है सर्च इंजन मे जिसकी मदत से यूजर को भी आसानी हो पढने मे कि यह किस विषय के बारे मे है और इस आर्टिकल मे उसे कौन-सी जानकारी मिलने वाली है.

Title यह एक HTML elements होते है जो कि यह <head> section मे रहता है आपके वेब पेज के HTML Code के और यह title सर्च इंजन रिजल्ट पेज पर भी दिखाई देता है और हमेशा याद रखना अपना main keywords हमेशा title के शुरुवात मे रखना चाहिए.

आप अपने title के शुरुवात मे Action words भी दाल सकते है यह बहुत अच्छा इम्पैक्ट डालता है आपके title मे और आप सोच रहे होंगे कि Action Words क्या है? आपको बता दू कि action words वो होते है जो title के शुरुवात मे लिखते है जैसे कि Top 10, Best, Make, Take, Go, Boost, Numbers अत्यादी बहुत प्रकार के एक्शन वर्ड होते है. (यह भी पढ़े: BharatCaller kya hai)

Description

Seo के जरिये देखे तो description बहुत जरूरी हो जाता है यूजर को समझने के लिए कि इस आर्टिकल मे उसे क्या क्या जानकारी मिलनी वाली है इसके लिए आपको हमेसा याद रखना है कि आपके आर्टिकल का description बहुत catchy होना चाहिए और इसमें ऐसी keywords लिखे जिसकी तलास मे यूजर आया हुआ है.

जैसे कि सबसे पहले आपको Meta description मे अपना main keywords लिखना बहुत जरूरी हो जाता है जैसे (Example: On page seo Tips) यह आप सर्च इंजन को बता रहे हो कि मेरी वेबसाइट को इस keywords पर रैंक करो और उसके बाद कुछ ऐसी जानकरी लिखे जिसके बारे मे आप जानकारी देने वाले हो आर्टिकल मे और meta description मे 160 characters के आगे नहीं लिखना चाहिए.

और आपका meta description मे keywords होना बहुत जरूरी है और वह पढने मे आसान लगे और आप अपना keywords को URL मे जरूर डाले और URL के बारे मे हम निचे बात किये है जिसके बारे मे आपको निचे जानकरी मिल जाएगी.

Content

अगर आप अपना आर्टिकल रैंक करवाना चाहते है तो आपको एक अच्छा कंटेंट लिखना पड़ेगा जिसकी मदत से यूजर को उस आर्टिकल को पढके जानकारी मिले और वह आर्टिकल unique होना चाहिए दुसरो के मुताबिक और वह free from plagiarism and readability होना चाहिए.

अगर आपका कंटेंट किसी कि वेबसाइट से match करता है तो गूगल आपके आर्टिकल को रैंक नहीं करेगा और एक अच्छा आर्टिकल लिखने के लिए सबसे पहले आप जिस टॉपिक के बारे मे लिखने जारे है उस टॉपिक के अच्छे keywords को चुनना है और उस keywords को अपने आर्टिकल के बीच बीच मे इस्तेमाल करते रहना है.

keywords का रिसर्च करना बहुत जरूरी है क्युकी keywords कि मदत से हि आपका आर्टिकल रैंक करेगा और याद रहे गूगल के crawlers जो होते है वो keywords के जरिये हि पता लगाते है कि वह आर्टिकल किस बारे मे है और उसमे कौनसी जानकारी दी गई है.

आपके आर्टिकल कि length कम से कम 800 words कि जरूर होनी चाहिए और 2000 words तक भी लिख सकते हो जितना जयादा words होंगे उतना अच्छा होगा मगर याद रहें आर्टिकल लम्बा करने के लिए आपको फ़ालतू कि चीज़े नहीं लिखनी है जिसका कोई मतलब नहीं है यूजर के लिए.

अगर आप अच्छा कंटेंट लिखेंगे तो आपके आर्टिकल रैंक होंगे और यूजर आपके वेबसाइट पर वापस जरूर आएंगे आपके लेख पढने के लिए.

URL

हमारे वेबसाइट के आर्टिकल का URL एक पता होता है यह समझलो और URl को हम permalink भी कहते है और आपके आर्टिकल के URL मे आपका primary keywords जरूर डालना चाहिए इससे crawler को पता चलता है आपके पोस्ट के बारे मे और आसानी होती है सर्च इंजन मे रिजल्ट दिखाने के लिए.

url को सही तरीके से बनाना बहुत जरूरी है और अभी मे आपको बताऊंगा url के कुछ ऐसे बाते जिसके ऊपर आपको ध्यान जरूर देना चाहिए और अगर आप मेरे बताये हुए तरीके से यूआरएल बनायेंगे तो आपके पोस्ट के लिए अच्छा होगा.

अगर आप अपने पोस्ट को रैंक करवाना चाहते है तो आपको अपने url को custamize करना बहुत जरूरी हो जाता है और on page seo मे यह बहुत महतवपूर्ण भूमिका निभाता है आपको यह याद रखना है कि url आपका जयादा लम्बा नहीं होना चाहिए क्युकी जितना छोटा url होगा crawler उतनि जल्दी आपके पोस्ट के बारे मे समझ पायेगा.

आपको अपने url मे आपका primary keywords लगाना है और आपको कभी भी url मे special words नहीं लिखना है जैसे कि ( ?, #, [ , ] , @, !, $, & etc.) इन जैसे words को इस्तेमाल नहीं करना है यह एक प्रकार कि on page seo techniques है और आपका keywords वही इस्तेमाल करना है url मे जो आपके title मे हो इससे seo friendly url बनता है और यह आपके लिए काफी अच्छा होजायेगा और url जो है वो backlink बनाने मे भी मदत करता है. (यह भी पढ़े:Slice card kya hai)

Page Load Time

आपके वेबसाइट मे वेब पेज कि स्पीड फ़ास्ट होना बहुत जरूरी है क्युकी इससे आपका पेज जल्दी open होगा और वह चालू होने के लिए जयादा समय नहीं लगाएगा अगर आपकी वेबसाइट कि स्पीड one second or 3 seconds तक मे खुल जाती है तो यह आपके वेबसाइट के लिए बहुत अच्छा है.

अगर आपका वेब पेज इससे देरी मे खुलता है तो आपको जरूरत है आपके वेबसाइट कि स्पीड को बढाने के लिए क्युकी अगर आपकी वेबसाइट कि सोईद फ़ास्ट होगी तो गूगल सर्च रिजल्ट मे आपकी वेबसाइट जल्दी खुलेगी और रैंकिंग मे ऊपर आयेगी और website optimization बहुत जरूरी है.

इसमें आप अपने वेब पेज मे जो इमेज इस्तेमाल करते है उनकी size बहुत कम रखे और image optimize करके अपलोड करे और अगर आपकी वेबसाइट wordpress पर है तो आप फ्री plugin के जरिये अपनी वेबसाइट कि स्पीड बढ़ा सकते है.

एक फ्री plugin है जिसका नाम Swift Performance है इसके जरिये आपकी वेबसाइट कि स्पीड बहुत फ़ास्ट होजाएगी और अगर आपकी वेबसाइट फ़ास्ट होगी तो गूगल सर्च रिजल्ट मे ऊपर आयेगी और यूजर को भी अच्छा लगेगा.

H1, H2, H3 Tags

इसे हम heading कहते है और crawler को बताते है कि हमारा कौन सा हैडिंग सबसे जयादा जरूरी है और यह हमारे वेब पेज मे आर्टिकल लिखने के लिए मदत करता है आपको बता दू कि इसमें आपको H1,H2,H3,4,H5,H6 इतने प्रकार के Heading देखने को मिल जाएगी और H1 Heading मे आपके आर्टिकल का Title आता है जो कि crawler सबसे जयादा ध्यान इसके ऊपर हि देता है.

और यूजर के लिए भी यह बहुत यूजर फ्रेंडली बन जाता है क्युकी अगर कोई भी यूजर आपके वेबसाइट पर आता है तो सबसे पहले वो आपके H1 हैडिंग को हि देखता है और इसमें आर्टिकल का टाइटल आता है.

और आप crawler को बता सकते हो कि कौनसा हैडिंग सबसे जरूरी है और आप इसे एक लाइन से लिख सकते हो जैसे कि H1, H2, H3, H4 कुछ इस तरीके से और आपके आर्टिकल मे यह हैडिंग बहुत महत्वपूर्ण किरदार निभाता है और यह बहुत मदत करता है crawler को कि आपका आर्टिकल किस बारे मे जानकारी दे रहा है.

Keywords Stuffing In Description

अगर आप अपने वेबसाइट पर ट्रैफिक लाना है तो आपको हमेसा याद रखना है कि आपको keywords stuffing नहीं करना है और keywords stuffing यह उसे कहते है जब आप एक हि keywords बार बार लिखते हो तो यह एक over optimize हो जाता है और गूगल को keywords stuffing पसंद नहीं है.

आपको अपने keywords को डिस्क्रिप्शन मे सिर्फ एक बार लिखना है और वह keywords आपके title और url मे भी होना बहुत जरूरी है उससे आपका on page seo optimization होजायेगा और यह आपके पोस्ट के लिए बहुत अच्छा हो जाता है.

और 155 words से जयादा words नहीं होना चाहिए आपके meta desctiption मे और यह ऐसा हो जिसको देखकर यूजर क्लिक करें.

Sitemap

sitemap आपके वेबसाइट के लिए बहुत जरूरी on page seo elements बन जाता है क्युकी इसकी मदत से सर्च इंजन को पता चलता है कि आपके वेब पेज मे कौनसा कंटेंट है और यह आपके कंटेंट को crawls करने मे और index करने मे मदत करता है.

यह sitemap आपके वेबसाइट के बारे मे पूरी जानकारी सर्च इंजन को देता है जिसकी मदत से सर्च इंजन को बहुत प्रकार कि जानकारी प्राप्त होती है आप यह समझ ले कि आपके वेबसाइट के बारे मे तबतक सर्च इंजन को पता नहीं चलेगा जबतक sitemap नहीं बताएगा.

sitemap मे दो प्रकार के sitemap होते है पहला XML SITEMAP और दूसरा HTML SITEMAP है और xml sitemap जो होते है वो crawler के लिए बनते है और html sitemap यूजर के लिए बनते है जिसकी मदत से यूजर को आसानी से वेबसाइट के कंटेंट को देखने मे मदत मिलती है और यह on page seo और off page seo दोनों मे मदत होता है.

xml sitemap एक कोड कि तरह दिखता है और html sitemap मे यूजर को बढ़ी आसानी हो जाती है कंटेंट को देखने मे आपको आसान भाषा मे समझाऊ तो आप यह समझले कि यह एक पेज कि तरह दिखता है जैसे आप कोई वेबसाइट मे जाते है तो आपको सभी प्रकार के पेज दिख जाते है वही html sitemap होती है.

sitemap एक प्रकार कि file होती है जिसकी मदत से सर्च इंजन के crawlers सबसे पहले sitemap file मे जाते है और फिर उनको रास्ता मिल जाता है फिर उनको आसानी हो जाती है वेबसाइट को crawl करने मे और आसा करता हु आपको समझ मे आया होगा.

Robots File

यह एक प्रकार कि text file होती है जिसे robots.txt file कहते है यह आपके वेबसाइट मे होना बहुत जरूरी है जैसे कि sitemap यह crawler को बताता है कि कोनसा data को crawl करना है और कौनसे data को crawl नहीं करना है.

अगर आपके वेबसाइट मे यह file नहीं होगी तो सर्च इंजन को पता नहीं चलेगा कि कौनसा कंटेंट को crawl करना है इसकी मदत से आप कोई भी वेब पेज को crawl नहीं भी करवा सकते है मतलब कि आप robots.txt file के जरिये crawler को बता रहे है कि इसको crawl नहीं करना है

Google Analytics

आप Google Analytics के जरिये आपके वेबसाइट पर जो त्रफ्फीक आ रही है और कितने ट्रैफिक आ रही ई किस country से आरही है और कितने समय आपके वेबसाइट पर बिता रहे है यह सभी प्रकार कि जानकारी आप Google Analytics के जरिये पता कर सकते है अपने वेबसाइट को Google analytics मे add करके.

Image Alt Text

alt text यह इमेज मे काम आता है इससे आपके वेब पेज का image optimization हो जाता है alt text का मतलब (Alternative text और alt attributes, alt descriptions) भी कहते है. (यह भी पढ़े:E-Rupi kya hai)

अगर आपके वेब पेज का इमेज गूगल मे लोड नहीं हो पाता है तो यूजर के सामने इमेज का alt text दिखाई देता है और गूगल इमेज को समझ नहीं पाता है तो वह image alt text के जरिये फोटो को सर्च करता है और यूजर के सामने लाता है.

अगर आप इमेज मे alt text डालते है तो गूगल को के crawler को आसानी हो जाती है आपके इमेज को पढने के लिए और समझने के लिए कि वह इमेज किस बारे मे है और आपके इमेज को गूगल आसानी से index कर देता है जिसके जरिये आपके वेबसाइट पर image optimization के जरिये भी ट्रैफिक आती है.

जब आप कोई भी इमेज अपलोड करते है पेज मे तो उस इमेज पर क्लिक करें और वहां पर alt text लिखने कोक आता है उस बॉक्स मे आपको अपना keywords लिखना है जिस बारे मे वो इमेज होती है इससे बहुत मदत होती है आपके वेबसाइट मे ट्रैफिक आने के लिए.

Internal link

इंटरनल लिंक आपके वेबसाइट के page optimization के लिए बहुत जरूरी है जिसकी मदत से यूजर आपके वेबसाइट के दुसरे आर्टिकल को भी पढ़ सकते है अगर आप इंटरनल लिंक करते है इसकी वजह से आपके ट्रैफिक भी जयादा आयेगा आपकी व्ब्सिते पर और index होने मे भी मदत करेगा.

जब आप आर्टिकल लिखते है और उशी आर्टिकल के लिए आपने कोई आर्टिकल पहले से लिखा होगा तो आप किसी एक keywords के ऊपर दुसरे आर्टिकल का लिंक add करोगे जो एक हि डोमेन है तो इसे इंटरनल लिंक कहते है और इसकी मदत से यूजर आपके दुसरे वेब पेज पर जा सकता है और इसकी मदत से आपके वेबसाइट पे यूजर जयादा समय तक रुकेगा और उसको उस विषय के बारे मे जयादा जानकारी मिलेगी.

External link

अगर आपके वेबसाइट मे से किसी दुसरे के वेबसाइट पर अगर आप लिंक ऐड करते हो आपके आर्टिकल मे तो वो एक External link होता है मतलब यह समझलो कि अगर Domain A से Domain B पर कोई लिंक ऐड करते हो आपके आर्टिकल मे तो वह External link हो जाता है इसकी मदत से Domain B को एक backlink मिल जाता है.

Keywords

दोस्तों आपके वेबसाइट के कंटेंट के लिए keywords बहुत जरूरी होता है जिसकी मदत से आपके वेबसाइट पर ट्रैफिक आती है और अगर आपने अच्छाkeywords पे काम करते हैतो आपके वेबसाइट पे बहुत जयादा ट्रैफिक आने कि सम्भावना होती है.

क्युकी दोस्तों सर्च इंजन keywords कि मदत से आपके कंटेंट को यूजर के सामने दिखता है और इस keywords को आपके आर्टिकल मे ऐड करना बहुत जरूरी है मगर याद रहे आपको keywords stuffing नहीं करनी है मतलब कि जयादा optimition मत करे बहुत keywords को अपने आर्टिकल मे ऐड करके.

सबसे पहले आपको keywords कि रिसर्च करना है और उसमे से अपना एक primary keywords निकालना है और बाकी secondary keywords निकालना है और primary keywords को टाइटल मे लगाना है url मे लगाना है और meta description मे लगाना है बाकी सब keywords को अपने आर्टिकल मे अच्छे से लगाये.

On Page Seo और Off Page Seo मे अंतर क्या है?

आपको आसान भाषा मे समझाऊ तो on page seo वो है जिसे आप अपने वेबसाइट के अन्दर कर सकते हो और उसका पूरा control आपके पास होता है और आर्टिकल को ऑप्टिमाइज़ करना वेबसाइट को user friendly बनाना और वेबसाइट कि स्पीड फ़ास्ट करना ऐसे हि सब काम on page seo मे आता है.

और Off page seo मे link building आती है और यह आपके वेबसाइट को index होने मे भी मदत करती है आप अपने वेबसाइट के लिए कसी अच्छी वेबसाइट के पर कमेंट कर सकते है और वहां से आपको No follow लिंक मिलेंगे और आप अपना आर्टिकल सोशल मीडिया पर भी शेयर करोगे और लोग शेयर करेंगे तो आपकी लिंक बहुत लोगो तक जाएगी और वहां से आपके वेबसाइट पर बहुत ट्रैफिक आयेगी.

आप अपने वेबसाइट के लिए किसी जयादा रैंक वाली वेबसाइट से लिंक ले सकते है उसे backlink कहते है इससे आपके वेबसाइट कि रैंकिंग बढ़ेगी और Trust बनेगी गूगल के सामने और जयादा ट्रैफिक आयेगी और आप Book marking, Blogs Posting, Social Bookmarking कर सकते हो off page seo के लिए.

Conclution

इस आर्टिकल मे मैंने आपको On Page Seo के बारे मे बहुत जानकारी दिया हु और अगर आपको यह पोस्ट से कुछ सिखने यह कुछ भी जानकरी मिली हो तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे इससे उनकी मदत होजाएगी.

शुक्रिया.

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